तेहरान: ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों और तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच भारत सरकार ने बुधवार को अपने नागरिकों के लिए कड़ी एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों—चाहे वे छात्र हों, तीर्थयात्री, व्यापारी या पर्यटक—को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। सरकार ने कहा है कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारतीय नागरिक तत्काल प्रभाव से स्वदेश लौटने की योजना बनाएं।
यह एडवाइजरी 5 जनवरी को जारी की गई पिछली सलाह का अपडेटेड रूप है, जिसे ईरान की लगातार बदलती और संवेदनशील परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है। मंत्रालय ने वहां मौजूद भारतीयों को अत्यधिक सतर्क रहने को कहा है और विशेष रूप से किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी है। साथ ही, भारतीय नागरिकों को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने और ताजा हालात के लिए स्थानीय मीडिया पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।

इस बीच, ईरान में जमीनी हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अंग्रेजी अखबार द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार शाम करीब 300 शवों को दफनाए जाने की तैयारी है। इनमें प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ सुरक्षा बलों के जवानों के शव भी शामिल बताए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम कड़ी सुरक्षा के बीच तेहरान यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित किए जाने की संभावना है।
हिंसा में मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। अमेरिकी संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी का कहना है कि अब तक 2,550 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 2,403 प्रदर्शनकारी और 147 सरकारी पक्ष से जुड़े लोग शामिल हैं। वहीं, ईरान से जुड़ी खबरें देने वाली वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि देशभर में कम से कम 12 हजार लोगों की जान गई है, जिनमें से अधिकांश की मौत गोली लगने से हुई है।